स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ सम्पूर्ण देश में अमृतमहोत्सव के रूप में मनाई जा रही है।इस उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रमो के माध्यम से मां भारती के लिए शहीद हुए रणबाकुरों को समाज द्वारा श्रद्धापूर्वक याद करने का क्रम चल रहा है।इसी कड़ी में अदम्य साहस,शौर्य तथा पराक्रम से दुश्मन को परास्त करने वाले महावीरचक्र विजेता शहीद रामउग्रह पांडेय का पचासवाँ बलिदान दिवस शहीद पार्क एमाबंशी में सिद्धपीठ हथियाराम मठ के पूज्य महन्थ स्वामी भवानीनन्दन यति जी की अध्यक्षता में आदर और सम्मान के साथ मनाया गया।अमृतमहोत्सव आयोजन समिति काशी के सह संयोजक डॉ.सन्तोष कुमार सिंह यादव ने अपने सम्बोधन में देश के लिए बलिदान होने की भारतीय संस्कृति का उल्लेख विस्तारपूर्वक करते हुए बंगाल के सन्यासी आंदोलन का जिक्र किया।अंग्रेजों के दमन और शोषण के विरुद्ध भारत के सन्यासियों ने लोगों को एकत्रित करके प्रतिकार किया और स्वाधीनता आंदोलन की पीठिका तैयार किये।सन्त महात्माओं ने एकांतिक जीवन जीते हुए केवल भजन ही नहीं किया है अपितु आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्र और समाज के सरोकारों से सदैव स्वयं को जोड़ा है और नेतृत्व भी प्रदान किया है।उन्होंने कहा कि समाज का यह दायित्व है कि शहीद के सम्मान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को विशेष प्राथमिकता देते हुए हजार काम छोड़कर प्रतिभाग करे।कुछ अविभावक अपने उन बच्चों के जन्मदिन और विवाह की वर्षगांठ मनाने के नाम पर धन का दुरपयोग करते हैं जिनकी दिनचर्या में शराब शामिल है।अपसंस्कृति को बढ़ावा देने तथा धन का अपव्यय करने से श्रेयष्कर है कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले शहीदों का जन्मदिन और शहादत दिवस हम मिलकर मनाएँ।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पी जी कालेज भुड़कुड़ा के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. सन्तोष मिश्र ने कहा कि हम राम और कृष्ण के वंशज हैं।हम रणक्षेत्र में पीठ नहीं दिखाते।रघुवंश की परंपरा का जिक्र करते हुए महाकवि तुलसीदास जी कहते हैं कि जिन्ह के लहहिं न रिपु रन पीठी।शहीद रामउग्रह पांडेय ने युद्धभूमि में पीठ नहीं दिखते हुए अपना शीश वार दिया और मातृभूमि की रक्षा की।कार्यक्रम में सेना की ओर से शहीद रामउग्रह पांडेय की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर पूरे सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी गई।मुख्य अतिथि के रूप में राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश सरकार श्रीमती किरणबाला चौधरी,प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संगीता बलवंत,दर्जाप्राप्त मंत्री श्री प्रभुनाथ चौहान ने पुष्प अर्पित कर शासन की ओर से शहीद परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया तथा अपने सम्बोधन में शहीद परिवार की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन भी दिया।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक श्री कमलेश जी,श्रीमान सुरेश जी, कन्या महाविद्यायल हथियाराम के प्राचार्य डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी,अभयानंद जी,सर्वेश पांडेय,अशोक चौहान,विजयबहादुर सिंह,भुल्लन सिंह,विवेकानंद गिरी,चन्द्रिका चौबे,डॉ विनोद पांडेय,संजय सिंह आदि उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन श्रीराम जायसवाल ने किया।महाराजश्री के अध्यक्षीय उदबोधन के उपरान्त राष्ट्रगान द्वारा कार्यक्रम का समापन हुआ।

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