Tuesday, 26 November 2019

"शोध जिज्ञासा मूल प्रवृत्ति की संतुष्टि करता है"-डॉ सन्तोष

पी जी कालेज भुड़कुड़ा गाज़ीपुर के अंग्रेजी विभाग में आज शोध पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया गया।शोध छात्रों को सम्बोधित करते हुए डॉ सत्यप्रकाश ने कहा कि शोध मानव ज्ञान को दिशा प्रदान करता है तथा ज्ञान भंडार को विकसित एवं परिमार्जित करता है।शोध एक चरणबद्ध प्रक्रिया है जिसमें बोधपूर्वक प्रयत्न से तथ्यों का संकलन कर सूक्ष्मग्राही एवं विवेचक बुद्धि से उसका अवलोकन विश्लेषण करके नए तथ्यों या सिद्धांतों का उदघाटन किया जाता है ।शोधकर्ताओं में जिज्ञासा की प्रवृत्ति का होना आवश्यक है।अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ सन्तोष कुमार मिश्र ने अपने शोधार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शोध जिज्ञासा मूल प्रवृत्ति की संतुष्टि करता है।किसी भी ज्ञान की शाखा में नवीन तथ्यों की खोज के लिए सावधानीपूर्वक किए गए अन्वेषण जांच-पड़ताल को ही शोध की संज्ञा दी जाती है ।दूसरे शब्दों में नवीन ज्ञान प्राप्ति का व्यवस्थित प्रयास शोध कहलाता है।इस अवसर पर प्रमुख रूप से वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ शिवानंद पांडेय,डॉ जयप्रकाश सिंह,डॉ मनोज कुमार सिंह एवं शोधार्थीगण उपस्थित थे।

Sunday, 17 November 2019

शिक्षा की ज्योति जगा भगवत्ता को प्राप्त हुए बिरसामुण्डा:सह विभाग कार्यवाह

भगवान बिरसामुण्डा की जन्मजयंती 15 नवम्बर को गाजीपुर जनपद के पश्चिमी छोर पर स्थित मंदरा गांव में वनवासियों संग मनाई गई।मंदरा गांव के प्रधान और समाजसेवी संजीव गुप्ता के सद्प्रयासों से यह कार्यक्रम सफलीभूत हुआ।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रकल्प वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े स्वयंसेवक बन्धुओ ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।कार्यक्रम को जौनपुर सह विभाग कार्यवाह आनंद कुमार मिश्र ने सम्बोधित किया और भगवान विरसा मुंडा के संघर्षों और योगदान पर प्रकाश डाला।उनका जीवन अभावग्रस्त जरूर था लेकिन शिक्षा की ज्योति जलाकर उन्होंने समाज को अंधेरे से बाहर निकाला और स्वयं भगवत्ता को प्राप्त हुए।कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला संघ चालक श्रीमान पारस नाथ राय ने कियाऔर अध्यक्षता ग्रामप्रधान प्रतिनिधि श्रीमान झुन्ना सिंह ने की।कार्यक्रम में वनवासियों के उन्नयन हेतु कार्य करने वाले समाजसेवी संजीव गुप्ता सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।कुछ बाल कलाकारों द्वारा  सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

Sunday, 10 November 2019

प्राच्यविद्या का सम्मान काशी का सम्मान है-भवानीनन्दन यति

                                                                         दो दिवसीय गान्धर्व महोत्सव का शुभारंभ महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति जी महाराज द्वारा कार्तिक मास में तेरस के दिन गंगा किनारे काशी केअस्सी घाट पर किया गया।यह कार्यक्रम गोयनका
फाउंडेशन, काशी द्वारा आयोजित किया गया है।उदघाट्न सत्र में वैदिक विद्वानों द्वारा वेद की ऋचाओं का शास्त्रीय पद्धति से वाचन किया गया।मुख्य अतिथि के रूप मेंअपने सम्बोधन में स्वामी भवानीनन्दन यति जी ने कहा कि न तो कोई श्रोता है न कोई वक्ता है।परमात्मा ही शव्द रूप में निकलता है और वही श्रवण भी करता है।वह सर्वत्र विद्यमान है।प्राच्य विद्या का सम्मान काशी का सम्मान है और विद्वानों का सम्मान बाबा विश्वनाथ के प्रति सम्मान है।वैदिक ज्ञान के संरक्षण हेतु गोयनका फाउंडेशन का कार्य प्रशंसनीय है।कार्यक्रम को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के आचार्य डॉ पातञ्जलि मिश्र तथा काशी विद्यापीठ के आचार्य राममूर्ति चतुर्वेदी ने भी सम्बोधित किया।महाराजश्री के करकमलों द्वारा पूर्व कुलपति प्रोफेसर वशिष्ट त्रिपाठी,प्रो. रामयज्ञ शुक्ल,प्रो. रेवा प्रसाद द्विवेदी(का.हिं. वि. वि.),प्रो.कमलाकांत त्रिपाठी सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, ब्रजचैतन्य जी महाराज एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉ हेमन्त गुप्ता को अंगवस्त्रम व स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।अभ्यागतों एवं सारस्वत मंच का अभिनंदन फाउंडेशन के सचिव डॉ. शुकदेव त्रिपाठी द्वारा किया गया।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्रीमान रमेश जी,श्रीमान रामाशीष जी,डॉ मनोजकांत,क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख श्रीमान अभयनारायण जी एवंअसिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सन्तोष मिश्र सहित काशी विद्वत परिषद के लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन ध्रुपद गायिका डॉ अनुराधा रतूड़ी ने किया।

Saturday, 2 November 2019

विश्व ग्राम का हिस्सा बनने के लिए अंग्रेजी का ज्ञान आवश्यक-एस. के. सिन्हा

   
गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके श्री एस.के.सिन्हा ने आज स्वामी रामकृष्ण इंटर कालेज जाहीं झोटना गाजीपुर के विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया।श्री सिन्हा के नाम लगातार 73 घण्टे पढानेऔर दुनियां में सर्वाधिक तीब्र गति से अंग्रेजी ग्रामर पढ़ाने का वर्ल्ड रिकार्ड दर्ज है।गाँव में पले बढ़े श्री सिन्हा विलक्षण प्रतिभा सम्पन्न हैं।अंग्रेजी भाषा के प्रति बचपन से आपके मन में लगाव था।और यह लगाव जब जुनून बना तो दुनियां ने इनका लोहा माना।ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा की जानकारी न होना उनकी प्रगति में बाधक न बने इस उद्देश्य से आप सहज रूप से उनके बीच पहुंचकर अल्प अवधि में ही उनको सिखाने और बताने में लगे हैं।अंग्रेजी भाषा को कैसे सरलतम तरीके से सिखाया जाय इसी विंदु पर आपका समग्र चिंतन जारी है।आपने पुस्तकें भी लिखी हैं जो हिंदी माध्यम के छात्रों को अंग्रेजी सिखाने में बेहद उपयोगी साबित होंगी।एक दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से छात्रों को श्री सिन्हा ने सम्बोधित किया।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार मिश्र से उनका स्वागत किया।अंग्रेजी भाषा सीखने हेतु आयोजित इस कार्यशाला का संयोजन श्री आनंद कुमार मिश्र ने किया।इस अवसर पर सर्व श्री दुखहरन यादव,हरिकेश चौहान,नंदलाल शर्मा,सन्तोष यादव,अमित गिरि, पंकज चौहान,अभिषेक मिश्र आदि उपस्थित थे।