सोशल मीडिया अभिव्यक्ति के सशक्त माध्यम के रूप में तेजी से जगह बना रहा है .कुछ लोग इसका उपयोग गलत तरीके से भी कर रहे हैं जिससे समाज में भ्रांति फैलने का खतरा बना रहता है .वैचारिक मतभेद को व्यक्त करने के लिये गाली -गलौज का प्रयोग वर्जित होना चाहिये .हम जो -कुछ भी शेयर करें वह पुष्ट और प्रमाणिक हो वैचारिक धरातल पर हम भिन्न -भिन्न विचारों से परिचित हों उसका सम्मान करना सीखे तथा जुड़ाव हो .यह करके हम नज़दीक तो आयेंगे ही साथ साथ विश्वा ग्राम की संकल्पना सार्थक होगी .
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