(जखनियां)के. पी. पब्लिक स्कूल जाहीं, झोटना, गाजीपुर और स्वामीरामकृष्ण इण्टर कालेज जैसी संस्थाओं की नींव रखने वाले पं. रामप्रसाद मिश्र को 9वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धा पूर्वक याद किया गया।उन्होंने अपने जीवन मे पढ़ने और पढ़ाने का व्रत लिया था और जीवन पर्यंत इस व्रत का पालन करते रहे।आज भौतिक रूप से वे हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके द्वारा प्रदीप्त संस्थाएं अज्ञानता के अंधेरे से लड़ते हुए उस व्रत को पूरा करने में लगी हैं।शिक्षा कभी भी उनके लिए धनार्जन का माध्यम नहीं रही।वे रुचि के साथ गणित और अंग्रेजी विषय की बारीकी को गहराई से समझने का प्रयास करते थे और सरलतम तरीके से विद्यार्थियों को समझाते थे।सादगी से परिपूर्ण उनके जीवन में शांति और सन्तोष का भाव दिखता था।आजकी पीढ़ी के शिक्षकों के लिए उनका व्यक्तित्व प्रेरणादायी है।जीवन की कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए वे कभी निराश नहीं हुए।ऐसा लगता था कि असंभव शब्द उनके शब्दकोष में है ही नहीं।सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने यह महसूस किया कि केवल सरकारी प्रयास से ग्रामीण विद्यार्थियों की समस्याओं का निदान सम्भव नहीं है। बालिकाओं के लिए गांव में ही समुचित शिक्षा के ध्येय को लेकर विद्यालय की नींव रखे। वे प्रत्येक विद्यार्थी को पुत्रवत स्नेह देते थे।उनके द्वारा स्थापित मूल्य संस्था का पाथेय हैं।उक्त बातें वर्चुअल संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए विद्वान वक्ताओं ने कही।इस संगोष्ठी को प्रमुख रूप से डॉ. हरिनाथ मिश्र,डॉ. शोभना,श्री पारसनाथ राय, विचारक श्री दीपक मिश्रा ,श्री नंदलाल शर्मा श्री विनय मिश्र आदि ने सम्बोधित किया।कार्यक्रम का आरम्भ प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार मिश्र द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि के माध्यम से हुआ।कार्यक्रम के अंत मे वरिष्ठ शिक्षक श्री दुखहरन सिंह यादव नेअभिभावकों एवं अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।

No comments:
Post a Comment