Tuesday, 14 April 2020

डॉ. अम्बेडकर को विचारों की ताकत के लिए याद करता है जनमानस-डॉ. सन्तोष


कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते सम्पूर्ण देश में लॉक डाउन  लागू है।ऐसे में सोशल डिस्टेंसिग  का पालन करते हुए सादगी के साथ राष्ट्र नायक बाबा साहेब अम्बेडकर को जन्मदिवस पर स्वामी रामकृष्ण इंटर कालेज जाहीं, झोटना, गाज़ीपुर के प्रांगण में आदर पूर्वक याद किया गया।कार्यक्रम को डॉ.इंदीवर रत्न पाठक,जिला प्रमुख अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गाजीपुर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा सम्बोधित किया।अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर सच्चे राष्ट्र भक्त थे।उनके विचार राष्ट्र और समाज को दिशा देने में उपयोगी साबित हो सकते हैं लेकिन संकुचित राजनीतिक लाभ के लिए उसकी गलत व्याख्या समाज में दूरी पैदा करेगी।कुछ नासमझ लोग उनको केवल दलित नायक और हितैषी के रूप में प्रचारित करने में लगे हैं जबकि वे सच्चे राष्ट्र नायक  थे।डॉ. अम्बेडकर स्त्री शिक्षा के विशेष हिमायती थे।शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे सामाजिक असमानता को दूर कर स्वस्थ समाज की परिकल्पना साकार हो सकती है।कार्यक्रम को पी.जी.कालेज भुड़कुड़ा में प्राध्यापक और चिंतक डॉ. सन्तोष मिश्र ने भी सम्बोधित किया।डॉ. मिश्र ने बाबा साहेब अंबेडकर को समता और स्वतंत्रता का प्रबल पैरोकार बताया।लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अपने आपको उनका अनुयायी कहने वाले लोग उनके सिद्धान्तों से विमुख होकर जातिगत गोलबंदी, धार्मिक कट्टरता और परिवारवाद में उलझकर रह गए हैं।राजनीति से जुड़े लोग अम्बेडकर को सिर्फ इसलिए याद करते हैं कि उनके नाम के पीछे वोट की ताकत है लेकिन आम जनमानस उनको उनके विचारों की ताकत के कारण याद करता है।जिनका लक्ष्य उनके नाम का प्रयोग कर चुनाव में मत हासिल कर सत्ता हथियाना मात्र रह गया है वे लोग देश की दुर्दशा का कारण बने हैं तथा उनके व्यक्तित्व के साथ सरासर अन्याय कर रहे हैं।हम शिक्षित,संगठित और संघर्षोन्मुख होकर राष्ट्र निर्माता डॉ. अम्बेडकर के सपनों को साकार कर सकते हैंऔर जन्मदिवस पर यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर संघ के स्वयं सेवक अमित गिरी ,विपिन गिरी ,अनिल शर्मा,नारायण गिरी आदि उपस्थित थे।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ ग्रामवासी  सूर्यभान गिरी ने किया।

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